अखिलेश यादव दे सकते है 2022 के चुनाव में योगी आदित्यनाथ को कड़ी टक्कर –

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अखिलेश यादव दे सकते है 2022 के चुनाव में योगी आदित्यनाथ को कड़ी टक्कर
JagRuk Hindustan

जहाँ पूरा देश कोरोना के कहर से परेशान है, वही उत्तर-प्रदेश जिसकी जनसंख्या 20 करोड़ से ज्यादा है और भारत का सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य भी है। जबकि यहाँ इतनी अधिक जनसंख्या होने के कारण भी यहाँ केवल कोविड-19 के मरीजों की संख्या 24056 और जिसमें से 16,629 डिस्चार्ज और 712 लोगो की मृत्यु हो चुकी है। आकड़ो की माने तो यहाँ कोविड-19 के मरीजो की संख्या बाकी राज्यो की तुलना में कम है। जिसकी वजह से यहाँ के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की तारीफ भी की गई है। अखिलेश यादव ​व योगी आदित्यनाथ में कड़ी टक्कर हो​ सकती है।

​लेकिन बताया जा रहा है कि 2022 का चुनाव जितना योगी आदित्यनाथ जी के लिए आसान नहीं होगा।

क्या है  पूरा मामला -

समाजवादी पार्टी और उत्तर-प्रदेश के सबसे युवा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जी ने 1 जुलाई 2020 को अपना 47 जन्मदिन मनाया। कोविड-19 के कारण इन्होंने अपना जन्मदिन काफी सादगी से मनाया है। और समाजवादी कार्यकरताओ ने भी समाजवादी दफ्तर में बड़ी ही सादगी से अखिलेश यादव जी का जन्मदिन मनाया हैं। और उन्होने अनाथ आश्रम में जाकर बच्चो को खाना भी वित्तरित किया हैं।

 हर साल उनका जन्मदिन बहुत-ही उल्लाष के साथ मानाया जाता है लेकिन इस साल काफी शान्ति से मनाया गया है। सूत्रो की माने तो उपचुनावो में मिली जीत की वजह से उन्होने 2017 में चुनाव हारने के बाद 2022 के चुनाव के लिए उन्होनें कमर कस ली हैं।

क्या हैं 2022 में अखिलेश यादव की तैयारी -

अखिलेश यादव जी के अपने 47 साल पूरा कर लेने और 2022 के चुनाव के पास होने की वजह से समाजवादी पार्टी के लोगो को उनसें उम्मीदे है, कि वह 2022 में उत्तर-प्रदेश में अपनी सरकार बनाने में सफल हो सकते है। ऐसा इसलिए भी कहा जा रहा है, क्योंकि उत्तर-प्रदेश में हुये उपचुनावो में समाजवादी पार्टी ने अच्छा प्रदर्शन किया है।​

​इन सबको देखते हुए समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव जी ने 2022 के चुनाव की तैयारिया तेज कर दी है। सूत्रो की माने तो अखिलेश यादव जी अब अपने पार्टी में जमीन से जुड़े लोगो और युवाओं को बढ़ावा देने का मन बना रहे है तथा इसके लिए वह खुद लोगो से मिल रहे हैं और उन लोगो को 2022 में चुनाव जितने की तरकीब बता रहे है तथा उन लोगो को ज्यादा से ज्यादा लोगो से जुड़ने की बात भी कह रहे है। ताकि 2022 के चुनाव में उनको सफलता मिल सके ।

क्या है उनकी तरकीब लोगो को जोड़ने की -​

2022 का चुनाव करीब है, जिसकी तैयारी हर एक पार्टी कर रही है, लेकिन समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर-प्रदेश युवा मुख्यमंत्री रहे  अखिलेश यादव ने नयी तरकीब अपनायी है। 2017 के चुनाव हार जाने की वजह से उन्होनें पहले ही बता दिया है कि वो इस बार किसी भी पार्टी से गठबंधन नहीं करेगे। वो अकेले ही 2022 का चुनाव लड़ेगे। सूत्रो की माने तो वह अपने पार्टी के लोगो से खुद मिल रहे है और उनको सुझाव दे रहे है कि कैसे 2022 में अपने  वोट बैंक को बढ़ाया जा सकता है, 2022 के चुनाव में वे सपा को एक मजबूत पार्टी बनाने कि कोशिश कर रहे है।

वो अपने कार्यकरताओं से मिलकर अपने बिखरे वोट बैंक को जमीन स्तर से जोड़ने की कोशिश करने को बोल रहे है जिसकी वजह से उनका जो वोट बैंक बिखर गया था उसको वापस पा सके इसके लिए उनकी पार्टी के द्वारा पलायन कर रहे मजदूरो के लिए खाने-पीने की व्यवस्था भी की गयी थी और उन लोगो के लिए कैंप भी लगाया था।

​उनका मानना है, अगर वोट बैंक सही रहेगे तो विरोधी पार्टियों में चुनाव का महोल भी बनेगा। इसके लिए अखिलेश यादव स्वंय और अपने पार्टी कार्यकरताओं को जनता में ज्यादा से ज्यादा समय बिताने की कोशिश करने को कह रहे ह। ताकि वो जनता की जरूरतो को समझ सके। जिसकी वजह से आने वाले 2022 के चुनाव में उनको इसका ज्यादा से ज्यादा फायदा मिल सके।

​क्यो दे सकते है अखिलेश कड़ी टक्कर -

​सूत्रो की माने तो अखिलेश यादव की संरक्षण में समाजवादी पार्टी के हालहि में हुए, उपचुनावो में मिलने वाली जीत ने इनका काफी जोश बढ़ाया है। समाजवादी पार्टी को  रामपुर, जैद्यपुर, जलालपुर में मिली जीत से वो काफी प्रशंस हुए है । क्योकि इस चुनाव में पार्टी को कुल वोटो का 22 फीसदी वोट मिला है। जिसकी वजह से लोगो के मन में यह सवाल उठ रहा है। क्या अखिलेश यादव जी एक बार फिर से योगी आदित्यनाथ जी को 2022 के चुनाव में शिक्कस्त दे पायेगे।

​जिस तरह से उनकी तैयारियाँ  है, उसको देख कर तो यही आशंका जताई जा रही है। कि अखिलेश यादव जी इस बार योगी आदित्यनाथ जी के लिए एक कड़ी चुनौती के रूप में समाने आयेगें। अब इसका फैसला तो 2022 में ही होगा कि उत्तर-प्रदेश में इस बार किसकी सरकार बनती है।

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