दो देशो के बीच फिर छिड़ गयी हैं जंग, रूस ने तैनात की अपनी सेना, तृतीय विश्व युद्ध का बढ़ा खतरा

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Armenia Azerbaijan War
Credit JagRuk Hindustan

Armenia-Azerbaijan War; आर्मीनिया और अजरबैजान में एक बार फिर से शुरू हो चुकी हैं, जंग जबकि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह दावा किया था कि दोनो देशो के बीच शांति समझौता करा  दिया गया  हैं लेकिन शांति समझौते के तीन दिन भी नहीं  हुए फिर दोनो देशो के बीच जंग शुरू हो गयी। इससे तीसरे विश्व युद्ध का खतरा उत्पन्न हो सकता  हैं।

विस्तार-

Armenia-Azerbaijan War; एक बार फिर से आर्मीनिया और अजरबैजान के बीच जंग छिड़ चुकी हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा किया गया इन दोनो देशो के बीच शांति समझौते का दावा तीन दिन के अंदर ही विफल होता हुआ दिखाई दे रहा हैं। दोनो देशो ने बीते कल एक-दूसरे पर हमले का आरोप लगाया है।

अजरबैजान की सरकार ने यह कहा  हैं, कि नागोर्नो-काराबाख के समीप आर्मिनिया की तरफ से किये गये मिलाइल हमलो में उनके यहाँ के 21 नागरिको की मौत हो गयी हैं। 

और वही आर्मीनिया के सरकार ने आरोप लगाते हुए कहा हैं, कि अजरबैजान की सेना द्वारा लगातार रॉकेट से हमला किया जा रहा हैं। जिसकी वजह से हमारे यहाँ के कई लोग डर गये हैं।

क्या कहना हैं, रूस का-

रूस की संवाद एजेंसी रिया नोवोस्ती ने आर्मीनया के पीएम से इस बात की पुष्टि करते हुए कहा हैं, कि रूसी सीमा रक्षक नागोर्नो-काराबाक में आर्मिनिया की सीमा पर तैनात किये जा चुके हैं। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लवरोव ने कहा कि इस संकट का राजनायिक समाधान किया जाना बहुत ही जरूरी हैं। और उन्होने अन्य सभी विदेशी ताकतो को चेतावनी देते हुए कहा हैं, कि सैन्य सामाधान को बढ़ाना देना बंद कर दे। 

आगे उन्होने कहा कि यह कोई भी गोपनीय बात नहीं हैं, कि हम इस समस्या के सैन्य समाधान का समर्थन नहीं करते हैं।Armenia-Azerbaijan War 

क्या कहा के आर्मीनिया पीएम ने-

आर्मीनिया के प्रधानमंत्री निकोल पाशियान ने आर्मीनिया और अजरबैजान (Armenia-Azerbaijan War) के बीच चल रहे युद्ध में कहा हैं, कि रूसी सीमा रक्षको की तैनाती कोई नहीं बात नहीं हैं, आर्मीनिया ने यह भी स्वीकार किया हैं, कि अजरबैजान की फौज ने ईरान से लगते इजरायल के  पास रणनीतिक रूप से गुबादली कस्बे पर अपना कब्जा कर लिया हैं। उन्होने ने आगे कहा कि अजरबैजान की सेना नारोर्नो-काराबाख के आबादी वाले इलाको में हमला कर रहा हैं।Armenia-Azerbaijan War

उन्होने कहा कि रूसी का बार्डर गार्ड तुर्की और इरान की सीमा पर तैनात हैं, बाद में रूसी बार्डर गार्डस को देश की दक्षिणी पूर्वी और दक्षिणी-पश्चिमी बार्डर पर तैनात किया गया।

आर्मीनिया ने अजरबैजान पर आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ जगहो पर उनकी सेना पीछे हटी हैं जहा अजरबैजान आंतकी अड्डे बना रहा हैं और तुर्की उसकी मद्द कर रहा हैं।

क्या कहना  हैं अजरबैजान का-

अजरबैजान के राष्ट्रपति के सहायक हिकमेट हजियेव ने कहा हैं, कि आर्मीनियाई सैनिको ने बर्दा में स्मर्च मिसाईले व क्लस्टर बम का प्रयोग किया गया हैं। जिससे बड़ी संख्या में आम जनता की जान गयी हैं। उन्होने कहा इस हमले में 21 आम जनता की जान गयी हैं तथा 70 लोग घायल हैं। 

क्या कहा तुर्की ने-

रूस के द्वारा जहाँ कहा गया कि दोनो देश उसके दोस्त हैं और व सैन्य समाधान समर्थन नहींं कर रहा हैं। जबकि वही तुर्की ने कहा हैं, कि अगर अजरबैजान की ओर से सेना भेजने का अनुरोध किया गया तो इसके लिए हमारी सेना तैयार हैं।

जहाँ रूस के पड़ोसी देश आर्मीनिया व अजरबैजान के बीच नागोर्नो-काराबाख इलाके पर कब्जे किये जाने की वजह से युद्ध चल रहा हैं अगर इस युद्ध में तुर्की भी शामिल हो गया तो यह युद्ध तृतीय विश्व युद्ध में तबदील हो सकता हैं।

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