गोरखपुर में शुरू हुआ मनुष्यों पर कोरोना की वैक्सीन को-वैक्सीन का परिक्षण

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कुशीनगर कोरोना मरीजों व्यवस्था
Credit JagRuk Hindustan

उत्तर-प्रदेश के गोरखपुर में कोरोना वैक्सीन को-वैक्सीन का मनुष्यों पर परिक्षण ​(क्लीनिकल ट्रायल) शुरू हो चुका हैं। गोरखपुर के राणा हास्पिटल और ट्रामा सेंटर में शुरू हुआ क्लीनिकल ट्रायल इसकी जानकारी खुद वहाँ के प्रमुख अधिकारियों द्वारा दी गयी हैं।

क्या हैं, पूरा मामला-

उत्तर-प्रदेश के गोरखपुर में कोरोना के टीके कोवैक्सिन का आज से इंसानों पर ट्रायल शुरू हो गया हैं। गुरूवार को हॉस्पिटल प्रमुख अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार से डॉक्टर अजीत प्रताप सिंह और उनके साथी डॉक्टरो की देखरेख में कोरोना का ट्रायल मुनष्यो पर होगा उनका ये भी कहना हैं, कि ये टीका मरीजों की इच्छा के अनुसार उन पर प्रयोग किया जायेगा।

क्यो चुना गया हैं, इस हॉस्पिटल को-

गोरखपुर में स्थित राणा हॉस्पिटल और ट्रामा सेंटर उन 12 संस्थानों में से एक हैं, जहाँ पर भारत में विकसित टीके का टेस्ट होगा। इस हॉस्पिटल को इसलिए भी चुना गया हैं। क्योकि इससे पहले इस हॉस्पिटल में टायफाइड और जापानी इन्सेफेलाइटिस मतलब दिमागी बुखार टीके का भी परीक्षण हो चुका हैं। और परीक्षण भी सफल रहा हैं। इसलिए इस हॉस्पिटल को एक बार फिर कोरोना जैसी महामारी के टीके के परीक्षण के लिए चुना गया हैं।

कितने लोगो पर शुरू हुआ परीक्षण-

राणा हॉस्पिटल और ट्रामा सेंटर में भारत में बने कोरोना वैक्सीन को-वैक्सीन का मनुष्यों पर परिक्षण आज से शुरू हो गया हैं। और इसके परीक्षण के लिए बहुत लोगों ने सरकार से कहा कि वो अपने ऊपर कोरोना के टीके का परीक्षण कराने के लिए तैयार हैं। लेकिन अभी तक अपनी इच्छा से केवल नौ लोग ही तैयार हुए हैं। तथा अधिकारियों द्वारा बताया गया हैं, कि इस हॉस्पिटल में 35 डोज कोरोना के टेस्ट करने के लिए आ गये हैं।

किस कम्पनी द्वारा बनाये गये टीके का होगा परीक्षण-

भारत में कोरोना के टीके का निर्माण बायोटेक द्वारा किया गया हैं। और इस टीके का नाम कोवैक्सीन रखा गया हैं। भारत की पहली कम्पनी हैं, जिसके द्वारा बनाये गये टीके का परीक्षण मनुष्यों पर किया जा रहा हैं। अब बस इन्तजार हैं, इस टीके का मनुष्यों पर हुए परीक्षण के सफल होने का। इस कम्पनी द्वारा बनाये गये टीके का प्रयोग भारत के कुल 12 संस्थानों पर हो रहा हैं।

उत्तर-प्रदेश में आये दिन कोरोना मरीजो की संख्या बढ़ती ही जारी हैं। ये संख्या कम होने का नाम ही नहीं ले रही हैं। उत्तर-प्रदेश में कोरोना मरीजो की संख्या का आकड़ा 1 लाख तक पहुचने वाला हैं। इसलिए हमें अब बायोटेक द्वारा बनाये गये टीके के सफल परीक्षण का इन्तजार हैं।

कौन-कौन से देश कर चुके हैं, टीके की खोज-

भारत के साथ-साथ रूस, अमेरिका और भी कई देशों द्वारा कोरोना के टीके का परीक्षण मनुष्यों पर होना शुरू हो गया हैं। लेकिन अभी तक कोई भी देश पूरी तरह से कोविड-19 के टीके के परीक्षण में सफल नहीं हो पाया हैं। तथा किसी ने भी ये नहीं कहा हैं, कि उसने कोरोना की दवा बना ली हैं।

​रूस ने जबकि ये बोला हैं, कि उसने कोरोना के टीके का खोज कर लिया हैं। अगस्त -सितम्बर में वो टीके को बाजार में ला सकता हैं।

और अमेरिका ने भी ये कहा कि उसके द्वारा बनाये गये। ​कोरोना वैक्सीन को-वैक्सीन का मनुष्यों पर परिक्षण सफल हो जायेगा। तो वो इस टीके को सबसे पहले कोरोना वॉरियर्स को देगा।

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