उत्तर प्रदेश में पुलिस लचर अपराधियों से गायब हुआ पुलिस का भय सूबे में बढे आपराधिक मामले

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उत्तर-प्रदेश बढे आपराधिक मामले
JagRuk Hindustan

उत्तर प्रदेश में वर्तमान समय में अपराधियों के मन से कानून का डर बचा ही नहीं है। हालही की घटनाओ को देखे तो प्रदेश में अपराध एक अलग ही स्तर में बढ़ चूका है। आये दिन अपहरण, हत्या, लूट-पाट, रंगदारी फिरौती की घटनाओ से पूरा प्रदेश सहम उठा है। इनमे से कई मामले तो ऐसे है जिनमे पुलिस प्रशासन की कार्य शैली पर भी आरोप लग रहे है। उत्तर-प्रदेश में बढे आपराधिक मामले

इन सभी मामलो को देखने पर यह साफ हो जाता है की उत्तर प्रदेश में अब कानून का खौफ अपराधियों से मिटता जा रहा है।

कानपुर ​बनी उत्तर प्रदेश की क्राइम सिटी -

उत्तर-प्रदेश में बढे आपराधिक मामले, उत्तर प्रदेश का कानपुर शहर तो बीते कुछ दिनों में अपराध का गढ़ बन गया है। कानपुर में आये दिन आ रहे आपराधिक मामलो से शहर में दहशत का माहौल है।

​कानपुर देहात के विकरू गांव का विकास दुबे केस -

हालही में हुआ विकास दुबे का केस जिसने पुरे शहर में सनसनी फैला दी। इस मामले ने तो पुलिस प्रशासन की लचर व्यवस्था को उधेड़ कर रख दिया। इस वारदात में 8 पुलिस वालो की जान भी चली गयी थी। यह पूरी घटना सवालो से घिरी हुई है। विकास दुबे केस में 6 अपराधियों का एनकाउंटर तथा कई लोगो की गिरफ़्तारी भी हुई है।  जिसमे पुलिस द्वारा विकास दुबे के एनकाउंटर पर भी काफी सवाल उठे है और ये मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। प्रभात दुबे एनकाउंटर पर सवाल

कानपुर में हुए दो अपहरण हत्या तथा फिरौती के मामले –

हालही में कानपुर के बर्रा थाना इलाके में सजीत यादव नाम के ​28 वर्षीय युवक का अपहरण हो जाता है व अपहरण के काफी समय बाद फिरौती की मांग होती है। अंत में युवक की हत्या हो जाती है।  परन्तु आज भी युवक का शव पुलिस को नहीं मिला।  इस मामले में बर्रा थाना क्षेत्र पुलिस प्रभारी को ससपेंड भी किया गया है। पीड़ित परिवार अभी भी नयन के लिए दर दर भटक रहा है।  पूरी वारदात पढ़े - संजीत अपहरण मामला।

​बर्रा अपहरण का मामला शांत हुआ भी नही था तब तक कानपुर देहात म भी एक युवक के अपहरण का मामला सामने आया।  जिसमे ​20 लाख फिरौती की मांग की गयी। और बाद में युवक की हत्या क्र दी गयी। पुलिस अब मामले की शिनाख्त कर रही है।

गोरखपुर अपहरण केस -

अभी कुछ दिनों पहले ही गोरखपुर में ​13 वर्षीय बलराम नाम के बच्चे का अपहरण हो जाता है। किडनैपर्स ​1 करोड़ की फिरौती की मांग करते है। और बाद में पुलिस को बच्चे का शव मिलता है । पुलिस इस मामले में कुछ लोगो की संदेह के तौर पर गिरफ़्तारी भी करती है। पर पीड़ित परिवार का कहना है की पकडे गए किसी भी आदमी से हमारी कोई दुश्मनी नहीं है।  पूरा मामला पढ़े - गोरखपुर अपहरण कांड

हलाकि इसी बीच एक और अपहरण का मामला गोंडा में हुआ जिसमे एक ​4 साल के बच्चे का अपहरण हो जाता है और किडनैपर्स ​4 करोड़ फिरौती की मांग करते है। पर इस मामले में पुलिस तत्परता दिखाती है और मात्रा ​17 घंटो में बच्चे को किडनैपर्स से छोड़ लेती है।  जो की सराहनीय है ।

अन्य आपराधिक घटनाये -

मौजूदा समय में हर रोज कोई न कोई आपराधिक मामले सामने आ रहे है।  हर रोज पुलिस और बदमाशों में मुड़भेड़ की खबरे अब आम सी लगने लगी है । पुलिस के कड़े रवैये पर भी अपराध के मामले बढ़ते जा रहे है। कई बड़ी बड़ी संस्थाओ की मने तो वर्मन समय में उत्तर प्रदेश में क्राइम रेट काफी बाद चूका है।  जो की एक चिंता का विषय है।

गाजियाबाद में रिपोर्टर की गोली मारकर हत्या इस घटना ने भी पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर काफी सवाल खड़े कर दिए। उत्तर-प्रदेश में बढे आपराधिक मामले।

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