यूपी सरकार द्वारा इन हवाईअड्डों का विकास कानपुर चकेरी हवाईअड्डा और कुशीनगर हवाईअड्डा पर कार्य में तीव्रता

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कानपुर चकेरी हवाईअड्डा
Credit JagRuk Hindustan

कोरोना महामारी के कारण आधे साल की देरी के बाद, अब कानपुर चकेरी हवाईअड्डा नया सिविल एन्क्लेव अब जनवरी 2022 तक पूरा होने के पुरे आसार दिखाई दे रहे है। बताया जा रहा है की ये हवाई अड्डा पूरा होने के बाद, वर्तमान क्षमता से  40 फीसदी से अधिक यात्रियों को सँभालने में सक्षम होगा। इसके साथ ही 300 यात्री पर घंटे की क्षमता के साथ, चकेरी हवाईअड्डा टर्मिनल 6,218 वर्ग मीटर में फैला होगा।

कानपुर हवाईअड्डे का सौंदर्यीकरण -

वर्तमान समय में कानपुर के चकेरी हवाईअड्डे से केवल एक दिन में दो ही उड़ाने भरी जाती है। पर जब ये हवाई अड्डा 16 महीने बाद बन कर तैयार होगा तब इस हवाई अड्डे से लगभग 12 से 14 अंतरराष्ट्रीय उड़ाने संचालित हो सकेंगी। जो की 300 यात्री पर घंटे की क्षमता के साथ उड़ाने भर सकेंगी। चकेरी हवाई अड्डे के निदेशक भृगुकांत झा के अनुसार 300 यात्री  प्रति घंटे हैंडलिंग क्षमता के साथ, चकेरी हवाई अड्डा टर्मिनल 6,218 वर्ग मीटर के क्षेत्र में बना होगा। वर्तमान में अभी 85,000 यात्री सालाना हवाई सेवा का उपयोग करते है, लेकिन जब यह हवाई अड्डा बन कर तैयार हो जायेगा तब इसका अनुमान 2 लाख से अधिक यात्रियों का लगाया जा रहा है।

पार्किंग की सुविधा -

एपीडी ने बताया की पार्किंग के लिए हवाई अड्डा टर्मिनल 140 वाहनों के लिए उपयुक्त तीन एयरबेस -321 प्रकार के विमानों की पार्किंग और चारो ओर समायोजित करने के लिए कार पार्किंग क्षेत्र होगा। कोरोना महामारी की वजह से ये परियोजना में छह महीने की देरी हो चुकी है, लेकिन परन्तु अब सरकार इसका जल्द से जल्द निर्माण कार्य को पूर्ण करने का प्रयत्न करेगी।  उन्होंने ये भी बताया की 4-स्टार जीआरआईएचए (काउंटरों में ग्रीन, इमारते रेटिंग सिस्टम इंडिया) ने आठ चेक से सुसज्जित ऊर्जा कुशल भवन का मूल्यांकन किया। इन-लाइन बैगेज हैंडलिंग सिस्टम, यात्रियों के लिए दो कन्वेयर बेल्ट, शहर की अच्छी तरह लिफ्टों के साथ जुड़ा हुआ है।

सौंदर्यीकरण में भारतीय संस्कृति की छाप -

टर्मिनल में शहर की संस्कृति को दर्शाने वाले अंदरूनी हिस्से होंगे। ऊर्जा कुशल होने के लिए इमारत को इस प्रकार से डिजाइन किया गया है की वह टर्मिनल को रोशन करने के लिए प्राकृतिक धूप अधिकतम उपयोग करें। इसके आलावा, आँख सुखदायक रोशनी और हरियाली ड्रिप इरिगेशन वॉल प्लांट्स के साथ एयरपोर्ट में इसे सौंदर्य का रूप देने के लिए इस्तेमाल किया जायेगा।

किन किन हवाईअड्डों पर चल रहा है कार्य -

साथ में एयरपोर्ट ऑथरिटी ऑफ़ इंडिया राज्य सरकार यात्री यातायात के उन्नयन और एयरलाइंस को बढ़ाने की मांग को पूरा करने के लिए उत्तर प्रदेश में नए हवाई अड्डों के विकास पर काम हो रहा है। इसी कड़ी में सरकार लखनऊ के अमौसी हवाईअड्डे को अपग्रेड करने का कार्य भी करेगी जिससे यह हवाईअड्डा एक साल में 10 मिलियन से अधिक घरेलु और अंतराष्ट्रीय यात्रियों को हैंडल कर सके।

जबकि कुशीनगर में बन रहा अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डा अगले २ महीने में अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के लिए तैयार हो जायेगा। कुशीनगर हवाईअड्डा बनाने में सरकार जिस तरह की तेजी दिखा रही है वो सराहनीय है। तथा इस हवाईअड्डे के तैयार हो जाने से विदेशी सैलानियों को कुशीनगर आने में काफी सुविधा मिलेगी। इसके आलावा राज्य सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सोनभद्र की वर्तमान हवाई पट्टी का हवाई अड्डे में विस्तार करने के लिए मूल योजना तैयार कर रही है।

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