Kargil Vijay Diwas 2022: कारगिल युद्ध के वो हीरो जिनके सामने पाकिस्तान ने घुटने टेक दिए थे, जानिए उनकी शौर्य गाथा

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Kargil Vijay Diwas 2022/ Kargil Vijay Diwas (कारगिल विजय दिवस) पर जानिए उन योद्धाओ की कहानियाँ जिनके आगे पाकिस्तान ने अपने घुटने टेक दिए थे। आज पूरा देश कारगिल योद्धाओ के सम्मान में कारगिल विजय दिवस मना रहा हैं। चलिए आज हम उन योद्धाओ के बारे में जानते हैं, जिनकी वजह से भारत ने पाकिस्तान के छक्के छुड़ा दिए थे। 

Kargil Vijay Diwas (कारगिल विजय दिवस)-

कारगिल विजय दिवस क्यो मनाया जाता हैं : हर साल देश 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस कारगिल जंग (Kargil War) में अपने प्राणों की आहुति देने वाले योद्धाओं के सम्मान में मनाता हैं। इस कारगिल के हीरोज को श्रद्धांजलि दी जाती हैं। 

कारगिल युद्ध कब से कब तक हुआ था (Kargil War Date)-

कारगिल युद्ध (Kargil War) भारत और पाकिस्तान के बीच कारगिल युद्ध 3 मई 1999 को शुरू हुआ था ।जोकि 2 महीने से भी अधिक समय तक चला था। कारगिल युद्ध 26 जुलाई 1999 को खत्म हुआ था। 

आपरेशन विजय क्या हैं-

कारगिल युद्ध के समय भारतीय सैनिको ने 'ऑपरेशन विजय' चलाया था। जिसके जरिए भारत के जांबाज सैनिकों ने कारगिल द्रास क्षेत्र में पाकिस्तानी हमलावरों द्वारा कब्जा किए गए क्षेत्रों को फिर से वापस प्राप्त किया था। 

Kargil War Heroes story (कारगिल युद्ध के हीरोज की कहानी)-

"शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले,
वतन पर मिटने वालों का यही निशां होगा|
देश के शहीदो को नमन, जय हिन्द जय शहीद"

कैप्टन विक्रम बत्रा-

कैप्टन विक्रम बत्रा इनके बारे में तो शायद ही कोई होगा जो नहीं जानता होगा। इनपर फिल्म भी आ चुकी हैं। जिसका नाम हैं शेरशाह, 1996 जून में मानेकशां बटालियन में आईएमए (IMA) में शामिल हुए थे। कुछ प्रशिक्षण और पाठ्यक्रमों को पूरा करने के बाद उनकी बटालियन, 13 जेएके आरआईएफ को उत्तर प्रदेश जाने भेजा गया था। कारगिल युद्ध में अदम्‍य साह‍स द‍िखाते हुए 7 जुलाई को शहीद हो गए थे। मरणोपरांत उन्हें परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया था। 

Arjun Nayar-

कारगिल योद्धाओ में एक और नाम शामिल हैं अर्जुन नायर , ये बड़ी शौर्यता के साथ कारगिल युद्ध में अपने युद्ध कौशल को दिखाते हुए वीर गति को प्राप्त हुए। 

लेफ्टिनेंट मनोज कुमार पांडे- 

कारगिल युद्ध का जब भी जिक्र आता हैं। उसमें लेफ्टिनेंट मनोज कुमार पांडे का नाम जरूर गर्व से लिया जाता हैं। इनका जन्म 25 जून 1975 को यूपी के सीतापुर में हुआ था। मनोज कुमार पांडे 1/11 गोरखा राइफल्स के जवान थे। इन्होने दुश्मनो को खदेड़ भगाया था। इन्हें भी मरणोपरांत परमवीर चक्र प्राप्त हुआ था। 

मेजर राजेश सिंह- 

मेजर राजेश सिंह का नाम कारगिल युद्ध के योद्धाओ के बीच बड़ी गर्व से लिया जाता हैं। इनको टोलोलिंग पहाड़ी पर कब्जा करने का काम सौंपा गया था। उन्होने अपने मिशन को पूरा करते हुए दुश्मनो को मौत के घाट उतार दिया था। इन्हें मरणोपरांत महावीर चक्र प्राप्त हुआ था। 

"आओ झुक कर सलाम करें उनको,
जिनके हिस्से में ये मुकाम आता है
खुशनसीब होता है वो खून,
जो देश के काम आता है|"

कारगिल युद्ध के हीरोज के नाम-

  • Imliakum
  • Dks Sehrwat
  • Shashi Bhushan
  • Kargil K Ashuli
  • Tashi
  • Parven Kumar
  • Rajesh Adhikari
  • Ajay Aahuja
  • Sourabh Kalia
  • Shish Ram Gil
  • Raghunath Singh
  • Rj Prem Raj
  • S Vijay Bhaskar
  • राइफलमैन संजय कुमार
  • मेजर विवेक गुप्ता
  •  लांस नायक करन सिंह
  • मेजर एम. सरावनन
  • लांस नायक दिनेश सिंह भदौरिया 
  • सुल्तान सिंह नरवरिया 
  • नायब सूबेदार योगेंद्र सिंह यादव

कारिगल युद्ध के हीरोज के बारे में इतनी कहानियाँ हैं, जिन्हें एक बार में बताया जाना संभव नहीं हैं। ना जाने कितने ऐसे योद्धा हैं, शायद ही जिनके बारे में कोई जानता होगा। जिन्होने भारत माँ की रक्षा के लिए अपने प्राणो को न्योछावर कर दिया। देश के शहीदों को नमन, जय हिन्द जय शहीद 

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