यहाँ जाने कुशीनगर से क्या है कुशीनगर से भगवान राम का रिश्ता

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कुशीनगर भगवान राम रिश्ता
Credit JagRuk Hindustan

उत्तर-प्रदेश में स्थित कुशीनगर बौद्ध धर्म के लिए प्रसिद्ध क्योकि यहाँ भगवान बुद्ध का मन्दिर हैं। लेकिन क्या आपको पता हैं कि, ​कुशीनगर से भगवान राम का ​अनूठा रिश्ता हैं। अयोध्या में भगवान राम के जन्म-भूमि की पूजन तथा मन्दिर बनने को लेकर अयोध्यावाषियों में खुशी का ठिकाना नहीं हैं। वो लोग इस बात से बहुत ही ज्यादा प्रसन्न हैं। क्योकि 500 वर्षों बाद अयोध्या में राम-मन्दिर बनने का सपना सच हो रहा हैं।

​कुशीनगर से भगवान राम का रिश्ता बहुत गहरा होने के कारण ही कुशीनगर से भी अयोध्या में राममन्दिर के लिए मिट्टी दी गयी थी। अयोध्या में राम-मन्दिर निर्माण में हर एक पावन जगहों तथा जहाँ से भगवान राम का सम्बन्ध रहा हैं। वहाँ  से मिट्टी तथा जल दिया गया हैं।

क्यों कहा जाता हैं, भगवान राम का सम्बन्ध हैं, कुशीनगर से -

कुशीनगर बौद्ध तीर्थस्थलों में से हैं। गौतम बुद्ध को भगवान विष्णु का दसवा अवतार माना जाता हैं। लोगो का मानना हैं, कि त्रेतायुग में जब भगवान राम सीता माता के साथ विवाह के बाद जनकपुरी से लौट रहे थे। तब वो कुशीनगर से होते हुए ही अयोध्या गये थे। जिसकी वजह से कुशीनगर का सम्बन्ध भगवान राम से बताया गया हैं। तथा ये भी माना जाता हैं, कि भगवान राम के पुत्र कुश का भी कुशीनगर से बहुत ही गहरा सम्बन्ध रहा हैं। तथा कुश के नाम पर ही यहाँ का नाम कुशीनगर पड़ा हैं।

क्या सम्बन्ध हैं कुश का -

बताया जाता हैं, कि कुशीनगर का पुराना नाम कुशावती था। और ये भगवान राम के पुत्र कुश की राजधानी थी। बताया जाता हैं, कि भगवान राम ने अपने भाईयों के पुत्रो को तथा अपने पुत्रो को अलग-अलग जगह का राज्य दे दिया था। जिसमें से उनके पुत्र ने अपनी राजधानी कुशावती को बनाया जिसका अभी नाम कुशीनगर हैं। कुश अर्थात श्री राम के पुत्र की राजधानी होने के कारण कुशीनगर से भगवान राम का अदभुत ​रिश्ता है।

कुशीनगर से पंडित तथा अतिथि भी शामिल थे भूमि-पूजन में -

कल रामजन्म-भूमि के पूजन में कुशीनगर के पडरौना के डॉ. विनय कुमार पांडेय जी भी विव्दत परिषद में शामिल थे। जिन्होने भूमि-पूजन में अपना विशिष्ट योगदान दिया हैं। तथा भूमि-पूजन में बुलाये गये अतिथियों में भी स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती जी भी शामिल थे। उन्होंने बताया कि जितेंद्रानंद सरस्वती जी को श्रीराम तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट समिति के महामंत्री चंपक राय की तरफ से उनको मुख्य अतिथि के रूप में बुलाया गया था। 

कुशीनगर के लोगो में भी भूमि-पूजन की खुशी देखने को मिली थी। भूमि-पूजन के बाद रात के समय लोगो ने अपने-अपने घरों में दीपक जलाये थे। तथा कुशीनगर के घाटों पर भी दीप-उत्सव किया गया था।

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