सरकार द्वारा मोटर से सम्बन्धी इन नियमों में किये अहम बदलाव अगर आप नहीं जानते तो हो सकती हैं, आपके लिए समस्या

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मोटर सम्बन्धी नियमों बदलाव
Credit JagRuk Hindustan

सरकार द्वारा मोटर इंश्योरेंस सम्बन्धी नियमों मे अहम बदलाव किया गया हैं। अगर आप मोटर इंश्योरेंस कराना चाहते हैं, तो आपको इसके बारे में ये जानकारी होना जरूरी हैं। हालिहि में इंश्योरेंस रेग्युलेटर आईआरडीएआई की तरफ से ये जरूरी निर्देश जारी किये गये हैं। चलिये हम आपको इसके बारे में बताते हैं, क्या हैं, वो जरूरी निर्देश। मोटर सम्बन्धी नियमों में अहम बदलाव जाने क्या है ये बदलाव।

क्या कहा IRDAI ने -

IRDAI ने मोटर इंश्योरेंस सम्बन्धी नियमों में बदलाव करते हुए कहा हैं, कि मोटर का इंश्योरेंस कराने वाले लोगो को यह जानना जरूरी हैं, कि वो वो सुप्रीम कोर्ट के द्वारा जारी किये गये निर्देशो का सख्ती से पालन करे।

क्या नियम जारी किया हैं, सुप्रीम कोर्ट ने -

आइये हम आपको बताते हैं, सुप्रीम कोर्ट द्वारा मोटर इंश्योरेंस सम्बन्धी नियमों में किये गये बदलाव के बारे में दिल्ली NRC में पल्यूशन का स्तर जिस कदर बढ़ रहा था। उसको देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश जारी किये थे। लेकिन कोरोना की वजह से लॉकडाउन लगते ही सारी कम्पनिया तथा वाहनो के कम चलने की वजह से पल्यूशन में कमी आयी हैं। लेकिन फिर भी सरकार ने कहा कि आगे पल्यूशन का स्तर फिर इस कदर ना बढ़े जिसकी वजह से दिल्ली की हवा फिर से जहरीली हो जाये इसको देखते हुए सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी किये नियमों का सख्ती से पालन करना जरूरी हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने बीमा कम्पनियों को कहा हैं,कि वे वाहन का बीमा तबतक ना करे जबतक वाहन चालको के पास मान्य पल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट ना हो। मोटर सम्बन्धी नियमों में बदलाव जाने क्या है ये बदलाव।

कब जारी किया जाता हैं, सर्टिफिकेट -

वाहन चालको को पल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट तभी मिलता हैं। जब वाहन उत्सर्जन मानको पर खरा उतरता हैं। उत्सर्जन के नियमो को लेकर लगातार विभाग द्वारा सख्ती की जा रही हैं। ये इसलिये किया जा रहा हैं। ताकि वाहन से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके।

कहाँ जारी किये जाते हैं, पीयूसी सर्टिफिकेट -

वाहन से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए पेट्रोल पंपो और वर्कशाप पर प्रदूषण के स्तर की जाँच करने के लिए कम्प्यूटरीकृत सुविधा की गयी हैं। यहीं पर पीयूसी सर्टिफिकेट भी जारी किये जाते हैं। अगर वाहन पीयूसी के उत्सर्जन पर खरा उतरता हैं, तो उसके चालको को सर्टिफिकेट दे दिया जाता हैं।

सरकार द्वारा ये फैसला इसलिये किया गया हैं, ताकि भविष्य में वाहनो द्वारा फैलने वाले पल्यूशन पर कंट्रोल किया जा सके। अगर आप वाहन का इंश्योरेंसन कराने जा रहे हैं। सबसे पहले आपके पास पल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट होना जरूरी हैं।

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