जन्माष्टमी के दिन उत्तर प्रदेश में भारी बिजली कटौती, बिजली मीटर चालू और बिजली गायब

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उत्तर प्रदेश बिजली कटौती
Credit JagRuk Hindustan

उत्तर प्रदेश में जन्माष्टमी के दिन कई जिलों में बिजली की कटौती हुई। जिसकी वजह से काफी लोगों परेशानी को उठानी पड़ी। जिनमे उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी व मेरठ जिलों में बिजली कटौती की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री ने अपना रुख साफ़ करते हुए इसकी जांच करने के लिए एसटीएफ को सौंप दिया गया और इसके साथ ही सख्त कार्यवाही करने के भी आदेश दे दिए गए है।

क्या कहना है ऊर्जा मंत्री का -

उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बिजली कटौती की जाँच एसटीएफ से कराने के लिए उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ से शिफारिस की जिसके बाद से मुखयमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे मांमले की जाँच करने के आदेश एसटीएफ के हाथों में सौंपा गया। इसके साथ ही दोषी पाए जाने पर सख्त कार्यवाही करने का भी आदेश दिया।

लोगो में दिखा आक्रोश -

जिन क्षेत्रो की बिजली चली गयी थी उनमे से कुछ क्षेत्र हमारे प्रधानमन्त्री, मुख्यमंत्री व ऊर्जा मंत्री के क्षेत्र शामिल है। बिजली जाने से लोगो का बहुत बुरा हाल था। लोगो के घरो की बिजली चली गयी लेकिन घरो में लगाए गए स्मार्ट मीटर चालु थे। जिससे लोगो का गुस्सा बिजली विभाग के ऊपर फूट पड़ा, इसके साथ ही लख़नऊ में कई जगह तो लोगो ने कई उपकेंद्रों पर जमा होकर उपद्रव और हंगामा मचाने लगे, जिससे शक्ति भवन में भगदड़ मचने लगी। इस आक्रोशित भीड़ का सामना शक्ति भवन के आला अधिकारीयों ने किया और अधिकारीयों ने इसी के साथ लोगो के आक्रोश को शांत करने के लिए विभाग में हुई तकनिकी खराबी को जल्द सही करने का आश्वासन किया है। जिससे लोगो का गुस्सा काम हुआ तथा वो अपने घरो को लौटे।

बिजली विभाग के दो अधिकारी निलंबित -

बताया जा रहा है की यह गड़बड़ी पॉवर कार्पोरेशन के शक्ति भवन में हुई थी जिसके कारण लोगो को परेशानी का सामना करना पड़ा। इसी कारण ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा शख्त कदम उठाते हुए पॉवर कार्पोरेशन के अध्यक्ष अरविन्द कुमार को जांच कर 24 घंटे में रिपोर्ट देने को कहा है। साथ ही उन्होंने यह आश्वासन दिया की जितने भी अधिकारी इसके जिम्मेदार है उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। इसके साथ ही स्मार्ट मीटर के काम की देख रेख करने वाली कंपनी ईईएसएल के स्टेट हेड व एलएंडटी के प्रोजेक्ट मैनेजर को भी रात में ही निलंबित कर दिया गया। 

उत्तर प्रदेश में लगभग 10 लाख से ज्यादा बिजली उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगे हुए है। जो की शक्तिभवन मुख्यालय में बने कंट्रोल रूम के सर्वर से एलएंडटी और ईईएसएल कंपनी स्मार्ट मीटर पर नजर रखती है। उपभोक्ताओं का कहना है की न ही हमारा बिल बकाया था और न ही बिल देने की तिथि निकली फिर भी हमारे घरो की बिजली काटी गयी। जिससे लोगो में गुस्सा देखने को मिला। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है पहले भी होता रहा है लेकिन इस बार शक्ति दिखाते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है और एसटीएफ के हाथो में बिजली कटौती करने वाले दोषियों को पकड़ने के लिए सौंपा गया है।  

मुख्यमंत्री ने दिए सख्त कदम उठाने के आदेश -

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने सख्त कदम उठाते हुए बिजली कटौती करने वाले के खिलाफ एसटीएफ से जांच कराने को आदेश दे दिया गया है।  और साथ ही जो भी इसमें दोसी पाए गए उनके खिलाप सख्त कार्यवाही करने का भी आदेश दिया।

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