Russia Ukraine News; रूस-यूक्रेन के बीच क्यो हो रहा हैं, युद्ध क्या हैं इसके पीछे की वजह

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Russia Ukraine News; रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध शुरू हो गया हैं, कभी ये दोनोे देश एक साथ हुआ करते थे, आज ये एक-दूसरे के दुश्मन बने हुए हैं, युक्रेन रूस से 1991 में अलग हुआ था, जिसके बाद दोनो के बीच विवाद शुरू हो गया ज्यादा विवाद रूस समर्थक राष्ट्रपति को हटा दिया गया तब बढ़ गया और आज इस कगार पर पहुँच गया कि दोनो देशो के बीच युद्ध छिड़  गया हैं।

रूस-यूक्रेन के बीच क्यो हो रहा युद्ध-

Russia Ukraine War-

इन दोनो देशो के बीच युद्ध की शुरूआत से ही आरम्भ हो गया था, जब अगस्त 1991 में यूक्रेन ने सोवियत यूनियन से आजादी की घोषणा की. उसी साल 1 दिसंबर को जनमत संग्रह हुआ, जिसमें 90% यूक्रेनियन ने सोवियत यूनियन से अलग होने की घोषणा कर दी। जिसके बाद रूस के उस समय के राष्ट्रपति बोरिस येल्तसिन (Boris Yeltsin) ने यूक्रेन को एक अलग देश के तौर पर मान्यता प्रदान कर दी। उस समय रूस ने क्रीमिया (Crimea) को भी यूक्रेन का ही भाग बताया। और  1994 में यूक्रेन को क्रीमिया तोहफे में दे दिया। 

रूसी समर्थक राष्ट्रपति-

यूक्रेन में 2004 के राष्ट्रपति चुनाव में विक्टर यानुकोविच (Viktor Yanukovych) की जीत हुई. यानुकोविच रूस के समर्थक माने जाते हैं. उनकी जीत के बाद यूक्रेन में विद्रोह होने लगा। इसे ऑरेंज रिवॉल्यूशन नाम दिया गया। और प्रदर्शनकारी दोबारा गिनती की मांग कर रहे थे। तब रूस ने इन प्रदर्शनों के पीछे पश्चिमी देशों का हाथ होने का दावा किया। 

2008 में विपक्षी नेता विक्टर युशेचेनको (Viktor Yushchenko) ने यूक्रेन के NATO में शामिल होने का प्लान पेश किया था। जिसके बाद अमेरिका ने इसका समर्थन किया  था। लेकिन रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इसका विरोध किया। और NATO ने जॉर्जिया और यूक्रेन को शामिल करने का ऐलान कर दिया। लेकिन रूस ने जॉर्जिया पर हमला कर दिया और 4 दिनो में उसके दो इलाको पर कब्जा कर लिया।

इसके बाद 2010 के राष्ट्रपति चुनाव में एक बार फिर से विक्टर यानुकोविच की जीत हुई थी। उनके द्वारा यूक्रेन के NATO में शामिल होने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया था। नवंबर 2013 में यानुकोविच यूरोपियन यूनियन के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर करने से पीछे हट गया। इस समझौते से यूक्रेन को 15 अरब डॉलर का आर्थिक पैकेज प्राप्त होने वाला था। Russia Ukraine News

 फरवरी 2014 में राजधानी कीव में दर्जनों प्रदर्शनकारी मारे गये थे। उनका विरोध इतना बढ़ गया कि 22 फरवरी 2014 को यानुकोविच को देश छोड़कर भागना पड़ गया था।
 जिसके बाद यूक्रेन में यूरोपियन यूनियन के समर्थकों की सत्ता आने के बाद क्रीमिया पर हमला हो गया था। और आर्मी यूनिफॉर्म पहने विद्रोहियों ने क्रीमिया की संसद पर कब्जा कर लिया। लेकिन पुतिन ने इन सैनिको को अपना मानने से मना कर दिया।

क्रीमिया पर कब्जे के बाद भी संघर्ष जारी रहा. यूक्रेन के डोनबास (Donbas) के दो इलाके डोनेत्स्क (Donetsk) और लुहंस्क (Luhansk) में अलगाववादियों ने अलग-अलग कर दिया।

2019 के चुनाव में यूक्रेन में वोलोदिमीर जेलेंस्की (Volodymyr Zelensky) राष्ट्रपति चुनकर आये और उन्होंने डोनबास की पुरानी स्थिति को बहाल करने का वादा किया। जिसके बाद जेलेंस्की ने सत्ता में आते ही NATO में शामिल होने की कोशिश करने लगा। 

2021 ले ही रूस यूक्रेन के की सीमा पर अपने सैनिक तैनात करने लगा। ये सेटेलाइट के माध्यम से देखा गया था। 

इन्ही वजह से आज Russia Ukraine के बीच युद्ध शुरू हो गया हैं। शायद ये द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़ा युद्ध माना जा रहा हैं।

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