सऊदी अरब और पाकिस्तान के रिश्तो में आयी दरार

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सऊदी अरब और पाकिस्तान के रिश्तो में दरार
Credit JagRuk Hindustan

सऊदी अरब और पाकिस्तान के रिश्तो में दरार सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच जो घनिष्ठ रिश्ता था। अब वो रिश्ता खत्म होने की करार पर आ गया  हैं। अगर ये कहे कि पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच रिश्ता खत्म हो चुका हैं, तो गलत नहीं होगा। बता दे कि सऊदी-अरब ने पाकिस्तान को तेल की आपूर्ति और लोन देने से मना कर दिया गया। और इस बात की जानकारी मिडिल ईस्ट मॉनिटर ने दी हैं।

क्या हैं, पूरा मामला -

सऊदी अरब और पाकिस्तान के रिश्तो में दरार का क्या है मुख्य कारण, जब सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान पिछले वर्ष भारत और पाकिस्तान के दौरे पर फरवरी में आये थे। तब उन्होने पाकिस्तान से 6.2 डॉलर का समझौता किया था। अब वो पैकेज का एक हिस्सा पाकिस्तान से वापस माँग रहा हैं। लेकिन पाकिस्तान इस पैकेज को चुका नहीं पा रहा हैं।

क्यो किया सऊदी अरब प्रिंस ने ऐसा -

सऊदी अरब प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने ये इसलिए किया क्योकि पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महम्मूद कुरैसी ने सार्वजनिक बैठक की और उस बैठक में पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने सऊदी-अरब की आलोचना की तथा आईओसी की बैठक को भी लेकर सऊदी-अरब धमकाया था। जिसके बाद सऊदी-अरब ने पाकिस्तान पर नाराजगी दिखाते हुए। पाकिस्तान के साथ सारे समझौते खत्म कर लिये। 

क्यो धमकाया था पाकिस्तान मंत्री ने आईओसी की सभा पर -

पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने इसलिए आईओसी की बैठक पर सऊदी अरब को धमकाया हैं। क्योकि आईओसी की बैठक में सऊदी अरब ने भारत के खिलाफ कश्मीर मुद्दो को लेकर कोई सख्त रूख नहीं अपनाया था। तथा भारत की आलोचना भी नहीं की थी। कश्मीर मुद्दे को लेकर।

पाकिस्तानी विदेश मंत्री खुरेशी ने ये भी कहा की कश्मीर मामले पर यदि सऊदी अरब कुछ नहीं बोलता है तो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ उन सभी देशो की बैठक बुलाऊंगा जो कश्मीर मुद्दे पर हमारे साथ है।  अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए खुरैशी ने यह भी कहा की सऊदी अरब के कहने पर पाकिस्तान ने स्वयं को कुआलालंपुर शिखर सम्मलेन से अलग हो गया था। अब इसी तरह रियाद को भी काश्मीर मामले का नेतृत्व करना चाहिए।

22 मई को पाकिस्तान ओआईसी बैठक में भारत द्वारा कश्मीर में आर्टिकल 370 हटा दिया था। तथा इस मामले में पाकिस्तान ओआईसी के सदस्यों का समर्थन पाने में सफलता प्राप्त नहीं कर पाया था। जिसके बाद पाकिस्तान प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा कि हमारे बीच अब एकता नहीं हैं। केवल विभाजन ही हैं।  

क्या कहना हैं, सऊदी अरब का -

सऊदी अरब और पाकिस्तान के रिश्तो में दरार से पाकिस्तान पर गहराया आर्थिक संकट। सऊदी अरब ने नंवबर में 2018 में पाकिस्तान को  6.2 बिलियन पैकेज देने का ऐलान किया था। जिसमें से सऊदी अरब पाकिस्तान से 1 अरब डॉलर की माँग कर रहा हैं। आपको बता दे कि सऊदी अरब द्वारा घोषणा की गयी राशि में 3 बिलियन डॉलर का कर्ज और एक ऑयल क्रेडिट सुविधा भी थी। जिसमें 3.2 बिलियन डॉलर की राशि भी सम्मलित हैं।

क्या कहना हैं, इस मामले में पाकिस्तान का -

पाकिस्तानी मीडिया की माने तो पाकिस्तान ने समय से पहले ही सऊदी अरब को 1 अरब डॉलर की राशि चुका दी हैं। तथा वो अमेरिका को भी 2 अरब डॉलर रूपये नगद चुका सकता हैं।  यदि उससे चीन से पैसा मिल जाये।

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