रामायण के किरदारो की अनसुनी कहानियाँ

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रामायण की अनसुनी कहानियाँ
Credit JagRuk Hindustan

 रामानन्द सागर द्वारा बनाई रामायण लोगो के लिए ना सिर्फ एक शो बल्कि लोगो  की आस्था का एक प्रतीक बन चुका है, रामायण के इस प्रसारण नें कई लोगो के  मन रामायण के प्रति अथाह भक्ति भाव उत्पन्न कर दिया है तथा इसमें उपयोग होने  वाले संगीत तथा गाने लोगो के मनो में एक विशेष छाप छोड़ते है, रविन्द्र जैन द्वारा  गाया गये गीत ने दर्शको के मन को भाव-विभोर कर देता है। वर्तमान समय में भी  इसका दूर्दशन पर प्रसारण करने पर यह इस भाँति सफल रहा मानो तुलसीदास  स्वंय ही राम जी के इस महान कथा का वर्णन कर रहे हो। रामायण की अनसुनी कहानियाँ

राम जी भले ही रावण से जीत गये, लेकिन 

राजा की उपाधि पाते ही वो अपनी प्रजा से हार गये।

पहली बार इसका कब प्रसारण हुआ -

रामानन्द सागर द्वारा रचित यह रामायण 25 जनवरी सन् 1987 से 31 जुलाई सन् 1988 को रविवार वाले  दिन 9.30 को डीडी नेशनल पर प्रथम बार प्रसारित हुई थी, बहुप्रचलित टी.वी. सीरिज में कुल 78 एपिसोड है तथा इसने भारत में सबसे ज्यादा देखे जाने वाले शो की उपाधि प्राप्त की है, इस शो ने हर एपिसोड के प्रसारण पर दूर्दशन को 40 लाख तक की कमाई उस समय हुई थी।

वर्तमान समय में इसका प्रसारण और इसके द्वारा बनाये  गये रिकार्ड -

​वर्तमान समय 28 मार्च से 2 मई 2020 के बीच दूर्दशन द्वारा इसका पुनः प्रसारण करने पर इसने टी.वी जगत से जुड़े सभी रिकार्ड को तोड़ कर रख दिया, लोगो द्वारा इसे इतना स्नेह मिला कि वर्तमान समय में इसके प्रसारण के दौरान वह एपिसोड जिसमें लक्ष्मण तथा मेघनाथ के मध्य हुए युद्ध को दिखाया गया है उसने टेलीवीजन जगत के सभी रिकार्ड को तोड़कर 7.7 करोड़ दर्शको के साथ विश्व में एक नया किर्तिमान स्थापित किया। वही जून 2003 में लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड में भी अपना नाम दर्ज कराया, सबसे ज्यादा दर्शको द्वारा देखे जाने वाले पौराणिक धारावाहिक में।

लोगो का यह कहना है कि दूर्दशन ने रामायण नहीं बल्कि रामायण ने दूर्दशन को प्रसारित किया है।

रामायण से जुड़े कलाकरों की वर्तमान जिन्दगी -

रामानन्द सागर द्वारा प्रसारित रामयण में कलाकारो ने जो किरदार निभाया वह सराहनीय है, बड़े से बड़ा या छोटे से छोटा कोई भी किरदार हो इस कदर निभाया है कि ऐसा लगता है कि इस हम सब वास्तव में ही सतयुग में पहुँच गये हो।रामायण की अनसुनी कहानियाँ

रामजी का किरदार -

रामानन्द सागर जी द्वारा प्रसारित रामायण में राम जी का किरदार श्री अरूण गोविल जी ने  निभाया है, उन्होने जिस कदर इस किरदार को निभाया है शायद ही कोई निभा पाता, उन्होने समय समय पर अपनी मुस्कान के द्वारा राम जी के किरदार को और लोकप्रिय बना दिया, दर्शक उन्हे उनके वास्तविक नाम से ज्यादा श्री राम प्रभु के नाम से  जानते है जब भी राम जी का नाम लिया जाता है सबसे पहली छवि अरूण गोविल सर की ही  आती है।

अरूण सर ने अपने द्वारा दिये गये एक इन्टरव्यू में बताया कि जब उन्हे पता चला कि रामानन्द सागर जी रामायण महाकाव्य पर टी.वी सिरियल बना रहे है तो वो उनके पास गये और उनसे कहा मुझे राम जी का किरदार करना है तब रामानन्द सागर सर ने उनसे कहा कि आप और बाकि किरदार कर लीजिए उन्होने करने से मना कर दिया और कहा कि मै करूगा तो सिर्फ राम जी का ही किरदार बाद में उन्हे खुद रामानन्द सागार सर ने इस रोल को करने के लिए बुलाया और उन्होने  सच में ही ऐसा किरदार निभाया मानो उन्हें रामजी के रोल के लिए ही बनाया गया है।

अरूण गोविल का जन्म उत्तर प्रदेश के शहर मेरठ में हुआ है, स्कूल समय से ही अभियन और नाटक करते थे, उन्होने राजश्रीवालो की पारिवारिक फिल्मो में भी काम किया है लेकिन इनको वास्तविक पहचान रामानन्द सागर जी द्वारा निर्देशित रामायण में श्री राम जी के किरदार से ही मिली, इन्होने हिम्मतवाला, कानून और लाखा जैसी फिल्मो में भी काम किया है।

माता सीता का किरदार -

रामानन्द सागर द्वारा निर्मीत रामायण में सीता माता का किरदार दीपिका चिखलिया जी ने किया है, उन्होने इस किरदार को इस प्रकार निभाया की मानो स्वंय सीता माता हो, फिर चाहे रावण  के द्वारा उनके हरण के समय रावण से उनका संवाद हो या अशोक वाटिका में उनके द्वारा निभाया गया किरदार हो उन्होने हर एक किरदार से दर्शको का दिल जीत लिया और एक अलग पहचान बना ली।

दीपिका जी ने हिन्दी, कन्नड़, तमिल, बंगाली और भोजपुरी फिल्मो में भी काम किया है, लेकिन दीपिका जी को आज भी लोग सीता माता के रूप में ही पहचानते है। दीपिका जी का विवाह हेमंत टोपीवाला से जी के साथ 23 नवंबर 1991 में हुआ था, इनकी 2 बेटिया है।

लक्ष्मण जी का किरदार -

रामानन्द सागर जी द्वारा निर्मित रामायण में लक्ष्मण जी का किरदार सुनील लहरी जी ने निभाया है, सुनील सर ने लक्ष्मण जी के किरदार को इस कदर निभाया कि दर्शको के दिलो में एक अलग ही पहचान बना लिया, फिर चाहे उनका और परशुराम जी का संवाद हो या उनका और मेघनाथ के युद्ध के समय उन्होने जो संवाद बोले जैसे मानो स्वंय लक्ष्मण जी हो।

एक इण्टरव्यू में सुनील लहरी जी ने बताया है कि रामानन्द सागर उन्हे अपना छठा बेटा मानते थे, रामायण में लक्ष्मण के क्रोध के भांति ही वो अपनी निजी जिंदगी में भी काफी क्रोधी स्वभाव के है जो उन्हें इस किरदार के लिए और अधिक उपयुक्त बनाता है।

इनका जन्म 9 जनवरी 1961 में मध्य प्रदेश में हुआ था, इन्होने रामायण के अलावा दादा-दादी की कहानियाँ तथा विक्रम बेताल तथा काफी अन्य धारवाहिको में भूमिकायें निभाई है, इन्होने जब लक्ष्मण जी का किरदार निभाया तब यह 30 वर्ष के थे।

रावण का किरदार -

रामानन्द सागर द्वारा निर्मीत रामायण में रावण का किरदार निभाने वाले अभिनेता का नाम अरविन्द त्रिवेदी है, लोगो कि माने तो रावण के इस किरदार के द्वारा वह रावण को पुनः पृथ्वी पर ले आये थे, रावण के हाव-भाव तथा उसकी हँसी को इस प्रकार बखूबी निभाया की बच्चे तक उनकी नकल करने लगे थे, इससे जुड़ा यह एक रोचक खिस्सा है कि राम द्वारा रावण का वध करने पर एक गाँव में उसकी मौत का शोक मनाया गया, जो कि अपने आप में एक बहुत बड़ी बात है।

वास्तविक जीवन में वह श्री राम जी के बहुत बड़े भक्त है और वो रामायण में केवट का रोल करना चाहते थे। वर्तमान दिनो में वो राम नाम जप अपना जीवन व्यतीत कर रहे है।

हनुमान जी का रोल -

 रामानन्द सागर जी द्वारा निर्मीत रामायण में हनुमान जी का रोल दारा सिंह जी ने निभाया था, उन्होने बताया था कि जिस दिन उन्हे रामायण का प्रस्ताव आया उसी दिन रात में उनके सपने में हनुमान जी आये थे।

  इनका जन्म 19 नवम्बर 1928 में अमृतसर में हुआ, दारा सिंह जी एक प्रसिद्ध भारतीय पहलवान थे तथा यह प्रथम राज्यसभा सदस्य मनोनित हुए जो कि किसी खेल जगत से सम्बन्धित हो उन्होने हिन्दी, पंजाबी फिल्मो में डायरेक्टर प्रोड्यूसर तथा लेखन कार्य के साथ कई फिल्मो तथा टी.वी जगत में अभिनेता की भाँति कार्य किया, इनका पूरा नाम दीदार सिंह रनधावा था।

अन्य मुख्य कलाकार -

भरत -

​रामानन्द सागर जी द्वारा निर्मीत रामायण में भरत जी का रोल करने वाले संजय जोग जी की मृत्यु मातृ 40 वर्ष की अवस्था में हो गई, रामानन्द सागर जी ने इनकी आँखे देख कर इन्हे भरत का रोल दिया तथा उन्होने इस रोल को बखूबी निभाया तथा दर्शको को जीवन जीने की अलग दृष्टि प्रदान की।

मेघनाथ -

मेघनाथ का रोल करने वाले विजय अरोरा ने दर्शको के दिलो पर ऐसा छाप छोड़ा मानो की स्वंय मेघनाथ सामने आ प्रकट हुआ हो, इसके पहले इन्होने कई फिल्मो में काम किया जिनमें यादो की बारात एक प्रच्चलित फिल्म थी।

  विजय अरोरा का जन्म 27 दिसम्बर 1944 को अमृतसर में हुआ और 2 फरवरी 2007 में इनकी मृत्यु हो गई।

सुग्रीव -

​  सुग्रीव जी का किरदार निभाने वाले श्याम कलानी ने भी लोगो का काफी दिल जीता इनकी मृत्यु हालहि में 6 अप्रैल को कैंसर के कारण पंचकुला के नजदीक कालका में हुई।

अंगद -

​अगंद का किरदार निभाने वाले अभिनेता बसीर खॉन ने रामायण से अपने करियर की शुरूआत की थी, इन्होने इस भाँति इस किरदार को निभाया जैसे स्वयं अंगद के किरदार के लिए ही इनका जन्म  हुआ हो।

कुम्भकरण -

कुम्भकरण का अभिनय करने वाले अभिनेता नलिन दवे ने 50 वर्ष में ही इस संसार को अलविदा कह दिया, रामायण में एक छोटे से किरदरा निभाते हुए उन्होने काफी लोगो के दिलो को जीता।

बाल्मीकी -

रामायण मे एक्टर विजय कशिश जी ने बाल्मीकी के साथ-साथ भगवान शंकर तथा रावण के ससुर मयदानव का किरदार भी निभाया यह जानकर आपको आश्यर्च होगा भगवान शंकर किरदार निभाते समय इनके गले में लिपटा सर्प राज असली था।

रामायण से जुड़ी कुछ रोचक बाते -

  1. प्रेम सागर जी ने बताया की रामायण के दौरान वो गाँव में ढ़ोल-नगारे बजाकर जुनियर कलाकारो को एकत्रित करते थे।
  2. लव-कुश की कहानी की मांग उठने पर भी रामानन्द सागर जी इसके लिए तैयार नहीं थे क्योकि कई लोग इसे एक काल्पनिक कहानी मानते थे तथा इस कहानी पर विवाद के चलते रामानन्द सागर जी पर 10 साल कोट केस भी चला।
  3. रामायण की शूटिंग 550 दिनो से ज्यादा दिनो तक चलती रही।
  4.  रामायण में ​असलम खॉन एक ऐसे अभिनेता थे, जिन्होने कई सारे किरदार निभाये।

राम केवल एक नाम ना होकर एक ऐसा भाव बन गए जिसमें लोगो को एक आर्दश राजा, पिता, पुत्र, भाई और पति देखने को मिलता है, उन्होने लोगो को जीवन जीने का एक उचित मार्ग प्रदान किया।

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