क्या कारण है कि यस बैंक बंद होने के कगार पर आ गया है

0
387
JAGRUKHINDUSTAN

2004 में यस बैंक की स्थापना राणा कपूर और ​अशोक कपूर ने मिल कर किया था। 2008 में 26/11 हमले में अशोक कपूर की मृत्यु हो गयी थी। यस बैंक कोई छोटा मोटा बैंक नही है,​​​ये इंडिया के One of the largest Bank में से एक है,इंडिया में इसकी रैकिंग 4th नम्बर पर आती है,यस बैंक से इंडिया की 20 कंपनी डायरेक्ट जुडी हुई है, यस बैंक का ऑनलाइन ट्रांसक्शन में भी बहुत बड़ा योगदान है

आंकड़ों की माने तो दुनिया का 35% ऑनलाइन ट्रांसक्शन यस बैंक से होता था, फिर चाहे वो फ़्लिपकार्ट हो स्विग्गी और बहुत सी कंपनियों में ऑनलाइन ट्रांसक्शन यस बैंक द्वारा ही किया जाता है,  लगभग 2 लाख करोड़ रुपये यस बैंक में जमा है।यस बैंक में कम से कम 18000 लोग वर्क करते है 

वजह क्या रही है यस बैंक के डूबने की-

2015 के एक सर्वे से पता चला कि राणा कपूर ऐसी कंपनी को हाई रेट लोन दे रहे थे, जिनसे लोन वापस मिलना मुमकिन नहीं था । इस तरह के Bad loan या NPA बन जाते है, ये वो लोन होते है, जो 90 दिनों के अंदर नहीं चुकाये जाते है, ऐसे लोन जो लिए तो जाते है पर वापस नही मिलते ,इससे साफ पता चलता है, कि यस बैंक आज इस कगार पर किसलिये पहुँच गया है।

कब से रिज़र्व बैंक ने यस बैंक को चेतावनी देनी शुरू की -

2017 में जब रिज़र्व बैंक ने देखा कि यस बैंक का एनपीए बढ़ता ही जा रहा है और यही नही यस बैंक अपने एनपीए छुपा भी रहा है, क्योकि रिज़र्व बैंक ने जब पता लगाया तब उसे पता चला की जो आंकड़े यस बैंक बता रहा है, उसमे और वास्तविक आंकड़ों में 3000 करोड़ का अंतर है, तब रिज़र्व बैंक ने 2018 में ये फैसला लिया कि यदि हमें यस बैंक को बचाना है, तो राणा कपूर को अपनी कुर्सी छोड़नी पड़ेगी तभी यस बैंक को डूबने से बचाया जा सकता है,इसी बीच 2018 में एक चेयरमैन और दो इंडिपेंडेंट डिरेक्टर ने स्तीफा दे दिया। उसी दिन से यस बैंक को घाटा होना शुरू हो गया,इसी बीच नवम्बर 2018 में राणा कपूर ने अपने सारे शेयर बेच दिये, इसके बाद आरबीआई ने ये सब देखते हुए 5 मार्च 2020 को सारा बागडोर अपने हाँथ में ले लिया और आरबीआई ने प्रशांत कुमार जो एसबीआई के सीएफओ और डीएमडी है, उनको यस बैंक का 6 मार्च2020 को प्रशासक बनाया है और कहा की यदि किसी को जरूरत है, तो वो एक समय सीमा के तहत 50000 की रकम खाते से पर महीने निकल सकते है, जिनका-जिनका रुपया यस बैंक में जमा है ।

आरबीआई के रोक लगा देने के बाद क्या हुआ-

आरबीआई ने स्पस्ट किया की विश्वसनीय पुनः परवर्तन के आभाव में यस बैंक के ग्राहकों के हित में बैंकिंग विनिमय अधिनियम के तहत 1949 धारा 45 के तहत निजी ऋणदाता पर रोक लगाने के लिए केंद्र के पास आवेदन के अलावा कोई विकल्प नहीं था ।

आरबीआइ ने कहा है, की वो बैंक के पुनः प्रवर्तन और सम्मेलन के लिए योजना तैयार करेगा।
5 मार्च 2020 को आरबीआई ने ये समय सीमा तय कर दी कि जिनके भी रुपये यस बैंक में डिपाजिट है वो 1 महीने में 50000 की ही राशि निकाल सकते है, उस दिन से ही यस बैंक के सेंसेक्स नीचे गिर गए ,उसके बाद खबर आई की एसबीआई इस बैंक की मद्द करेगी, जिसके बाद भारतीय स्टेट बैंक का स्टॉक भी नीचे गिर गया ।

आरबीआइ ने कहा है की वो बैंक के पुनः प्रवर्तन और सम्मेलन के लिए योजना तैयार करेगा ।

ईडी ने क्यों गिरफ्तार किया राणा कपूर को -

मुंबई की स्पेशल हॉलिडे कोर्ट में यस बैंक के फाउंडर राणा कपूर को 8 मार्च से 11 मार्च तक ईडी की कस्टडी में भेज दिया है, ईडी ने राणा कपूर को ये कह कर गिरफ्तार किया है, कि इनके ऊपर मनी लॉन्डरिंग और फ्रॉड के केस है​,इससे पहले ईडी ने वर्ली में राणा के आवास में जांच जारी रखी और बेटियों के घरों पर भी छापेमारी की।

कहा से आये 2 हजार करोड़ ये सवाल सबके दिमाग में है -

​ईडी जानना चाहता है, कि लंदन की प्रॉपर्टी उन्होंने कैसे खरीदी क्योकि ईडी के राडार पर लगभग 2 हजार करोड़ का इन्वेस्टमेंट, 44 महंगी पेंटिंग और दर्ज़नो शेल कंपनियों की मद्दद से राणा कपूर और उनके परिवार को पैसा ट्रांसफर किया जाना शो कर रहा था। इन सबको मद्देनजर रखते हुए ईडी ने राणा कपूर को कस्टडी में 11 मार्च तक रखा।

एसबीआई यस बैंक को बचने के लिए क्या प्लान लायी​- एसबीआई ने ये सब देखते हुए यस बैंक को बचाने के लिए और उसके कस्टमर को राहत देने के लिए एक प्लान पेश किया है और बैंक इसमें 49 परसेंटेज स्टॉक खरीद सकता है, अब तो ये आने वाले ही दिनों में पता चलेगा की क्या करेगा एसबीआई यस बैंक को बचने के लिए ये भी देखना दिलचस्प ही होगा।

कौन सी वो कम्पनिया थी जो लोन चुका नहीं पायी -

​वो कंपनिया, जिनको यस बैंक ने लोन दिया और वो चुका नहीं पायी जिनकी वजह से आज यस बैंक के ये हालात हो गए है, उन कम्पनियों के नाम कुछ इस प्रकार है- कैफ़े कॉफ़ी डे, डीएचएलएफ कॉक्स ,अनिल अम्बानी की रिलायंस और एस्सेल ग्रुप ये वो कंपनियां थी जिनको यस बैंक ने लोन दिया और वो चुका नहीं पायी।

यदि कोई बैंक डूब गया तो क्या अधिकार होते है ग्राहकों के पास-

डिपोसिट इंसोरेंस और क्रेडिट गारंटी कारपोरेशन एक्ट के 1961 के तहत अगर कोई बैंक बंद हुआ तो, खाताधारक के खाते में 5 लाख रुपये तक रकम सुरक्षित रहेगा, इसी साल फेब्रुअरी में बजटसत्र मेंइसकी रकम 1 लाख से बढ़ाकर 5 लाख तक कर दिया गयी है ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here