क्या कारण है कि यस बैंक बंद होने के कगार पर आ गया है

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JAGRUKHINDUSTAN

2004 में इस बैंक की स्थापना राणा कपूर और यस कपूर ने मिल कर किया था 2008 में 26/11 हमले में अशोक कपूर की मृत्यु हो जाती है , यस बैंक कोई छोटा मोटा बैंक नही है यस बैंक इंडिया के लार्जेस्ट बैंक में से एक है ये 4th लार्जेस्ट बैंक में से एक है इससे इंडिया की 20 कंपनी डायरेक्ट जुडी हुई है यस बैंक से ऑनलाइन ट्रांसक्शन का भी बहुत बड़ा योगदान है

आंकड़ों की माने दुनिया का 35% ऑनलाइन ट्रांसक्शन यस बैंक से होता था फिर चाहे वो फ़्लिपकार्ट हो स्विग्गी और बहुत से कंपनी में ऑनलाइन ट्रांसक्शन यस बैंक द्वारा ही किया जाता है  लगभग 2लाख करोड़ रुपया यस बैंक में जमा है,यस बैंक में कम से कम 18000 लोग वर्क करते है 

वजह क्या रही है यस बैंक डूबने की-

2015 के एक सर्वे से पता चला कि राणा कपूर ऐसी कंपनी को हाई रेट लोन दे रहे थे जिनसे लोन वापस मिलना मुमकिन नहीं था इस तरह के लोन बैड लोन या एनपीए बन जाते है ये वो लोन होते है जो 90 दिनों के अंदर नहीं चुकाये जाते है, ये ऐसे लोन होते है जो लिए तो जाते है पर वापस नही मिलते ,इससे साफ पता चलता है कि यस बैंक आज इस कगार पर किसलिये पहुँच गयी है

कब से रिज़र्व बैंक ने यस बैंक को इसके लिए चेतावनी दी -

2017 में जब रिज़र्व बैंक ने देख कि यस बैंक का एनपीए बढ़ता ही जा रहा है और यही नही यस बैंक अपने एनपीए छुपा भी रहा है क्योकि रिज़र्व बैंक ने जब पता लगाया तब उसे पता चला की जो ये आंकड़े बता रहे है उसमे और वास्तविक आंकड़ों में 3000 करोड़ का अंतर है तब रिज़र्व बैंक ने 2018 में ये फैसला लिया कि यदि हमें यस बैंक को बचाना है तो राणा कपूर अपनी कुर्सी छोड़नी पड़ेगी तभी यस बैंक की डूबने से बचाया जा सकता है,इसी बीच 2018 में एक चेयरमैन और दो इंडिपेंडेंट डिरेक्टर ने स्तीफा दे दिया उसी दिन से यस बैंक को घाटा होना शुरू हो गया,इसी बीच नवबर 2018 में राणा कपूर ने अपने सारे शेयर बेच दिया इसके बाद आरबीआई ने ये सब देखते हुए 5 मार्च 2020 को सारा बागडोर अपने हाँथ में ले लिया और आरबीआई ने प्रशांत कुमार जो एसबीआई के सीएफओ और डीएमडी है उनको यस बैंक का 6 मार्च2020 को प्रशासक बनाया है और कहा की यदि किसी को जरूरत है तो वो उसको एक समय सीमा के तहत 50000 की रकम खाते से पर महीने निकल सकते है जिनका जिनका रुपया यस बैंक में जमा है ।

आरबीआई के रोक लगा देने के बाद क्या हुआ-

आरबीआई ने स्पस्ट किया की विश्वसनीय पुनः परवर्तन के आभाव में यस बैंक के ग्राहकों के हित में बैंकिंग विनिमय अधिनियम के तहत 1949 धारा 45 के तहत निजी ऋणदाता पर रोक लगाने के लिए केंद्र के पास आवेदन के अलावा कोई विकल्प नहीं था ।

आरबीआइ ने कहा है की वो बैंक के पुनः प्रवर्तन और सम्मेलन के लिए योजना तैयार करेगा ।
5 मार्च 2020 को आरबीआई ने ये समय सीमा तय कर दी कि जिनके भी रुपये यस बैंक में डिपाजिट है वो 1 महीने में 50000 की ही राशि निकाल सकते है ,उस दिन से ही यस बैंक के सेंसेक्स नीचे गिर गए ,उसके बाद खबर आई की एसबीआइ इस बैंक को बचाएगी जिसके बाद भारतीय स्टेट बैंक का स्टॉक भी नीचे गिर गया ।

आरबीआइ ने कहा है की वो बैंक के पुनः प्रवर्तन और सम्मेलन के लिए योजना तैयार करेगा ।

ईडी ने क्यों गिरफ्तार किया राणा कपूर को -

मुंबई की स्पेशल हॉलिडे कोर्ट में यस बैंक के फाउंडर राणा कपूर की 8 मार्च से 11 मार्च तक ईडी की कस्टडी में भेज दिया है, ईडी ने राणा कपूर को ये कह कर गिरफ्तार गया लिया कि इनके ऊपर मनी लॉन्डरिंग और फ्रॉड के केस है इससे पहले ईडी ने वर्ली में राणा के आवास में जांच जारी रखी और बेटियों के घरों पर भी छापेमारी की।

कहा से आये 2 हजार करोड़ ये सवाल सबके दिमाग में है -

यदि जानना चाह रहा है कि लंदन की प्रॉपर्टी उन्होंने कैसे खरीदी और ईडी के राडार पर लगभग 2 हजार करोड़ का इन्वेस्टमेंट ,44 महंगी पेंटिंग और दर्ज़नो शेल कंपनियों की मद्दद से राणा कपूर और उनके परिवार को पैसा ट्रांसफर किया जा रहा था इन सबको मद्देनजर रखते हुए ईडी ने राणा कपूर को कस्टडी में 11 मार्च तक रखा।

एसबीआई यस बैंक को बचने के लिए क्या प्लान लायी-एसबीआई ने ये सब देखते हुए यस बैंक को बचने के लिए और उसके कस्टमर को राहत देने के लिए एक प्लान पेश किया है और बैंक इसमें 49 परसेंटेज स्टॉक खरीद सकता है अब तो ये आने वाले ही दिनों में पता चलेगा की क्या करेगा एसबीआई यस बैंक को बचने के लिए ये भी देखना होगा।

कौन सी वो कम्पनिया थी जो लोन चुका नहीं पाए -

ये कंपनिया थी जिनको यस बैंक ने लोन दिया और वो चुका नहीं पाये जिनकी वजह से आज यस बैंक के ये हालात हो गए है कैफ़े कॉफ़ी डे, डीएचएलएफ कॉक्स ,अनिल अम्बानी की रिलायंस और एस्सेल ग्रुप ये वो कंपनियां थी जिनको यस बैंक ने लोन दिया और वो चूका नहीं पायी।

यदि कोई बैंक डूब गया तो क्या अधिकार होते है ग्राहकों के पास-

डिपोसिट इंसोरेंस और क्रेडिट गारंटी कारपोरेशन एक्ट के 1961 के तहत अगर बैंक बंद हुआ तो खाताधारक की 5 लाख रुपये तक रकम सुरक्षित रहेगा ,ये इसी साल फेब्रुअरी में बजटसत्र में रकम 1 लाख से बढ़ाकर 5 लाख तक कर दिया गया है ।

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