केंद्र सरकार सितम्बर के महीने में स्कूल तथा कॉलेज खोलने पर कर रही विचार

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21 सितम्बर खुलेंगे स्कूल
Credit JagRuk Hindustan

इस समय देश में कोरोना महामारी फैला हुआ है। जिसके कारण सभी स्कूल, कॉलेज बंद पड़े है। यहां तक की सभी छात्रों के पेपर को कैंसिल कर दिया गया है और साथ ही छात्रों को उनकी अगली कक्षा में प्रमोट कर दिया गया है। अंतिम वर्ष की परीक्षा कराये जाने पर सभी यूनिवर्सिटी विचार विमर्श कर रही  है। कोरोना के इस संकट काल के  बीच केंद्र  सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। सूत्रों की माने तो केंद्र सरकार अब स्कूल कॉलेज खोलने पर बिचार करने जा रही है।

​समय के साथ कोरोना का बढ़ता प्रकोप -

देश में कोरोना आने से देश की स्थिति बहुत ही ख़राब हो गयी है। स्कूल तथा कॉलेजो को बंद हुए लग भग 6 महीने हो चुके है। राज्य सरकार और केंद्र सरकार दोनों अभी तक स्कूल खोले जाने पर विचार नहीं बना पाई है। फिलहाल अभी तो स्कूल तथा कॉलेज अपने छात्रों को ऑनलाइन क्लासेज दे रही है। देश में कोरोना के बढ़ते केस और स्थिति खराब होती जा रही है। अब तो यह तक की एक दिन में 50 हजार से ज्यादा केस आ रहे और भारत में अभी तक 21 लाख से ऊपर कोरोना मरीजों की संख्या हो चुकी है इसी बीच खबरों में आ रहा है की केंद्र सरकार स्कूलों को खोलने को सोच रही है।

​किन नियमो के तहत खुलेंगे स्कूल -

खबरों की माने तो केंद्र सरकार स्कूलों को सितम्बर माह में खोलने पर विचार कर रही है। स्कूलों को दो भागो में खोलने पर विचार कर रही है। पहले भाग के अनुसार 10वीं से 12वीं के छात्रों के लिए खोला जाना है। उसके बाद 6वीं से 9वीं के छात्रों के लिए स्कूल को खोला जाना है। इससे साफ़ है की फलने 10वीं से लेकर 12वीं तक के छात्र स्कूल जायँगे इसके साथ ही अगर स्कूल में किसी क्लास के दो सेक्शन है तो एक सेक्शन को बुलाया जायेगा। अगर चार है तो दो सेक्शन को पढ़ने के लिए बुलाया जायेगा जिससे सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन हो सके।

जहा कोरोना काल के पहले स्कूल 5 से 6 घंटे चलते थे वही  अब स्कूल के समय में परिवर्तन कर समय को आधा कर दिया गया है। साथ ही स्कूल के सभी स्टाफ में से सिर्फ 33% स्टाफ ही स्कूल में आएगा जिससे सोसल डिस्टेंसिंग भी बनी रहे। और कोरोना का खतरा ज्यादा न रहे इन सभी बातो को ध्यान में रखते हुए स्कूलों को खोले जाने पर विचार किया जा रहा है। इसके साथ ही प्राइमरी से ले के 5वीं कक्षा तक के स्कूलों को खोलने पर विचार नहीं किया गया है। इन सभी कक्षाओं की क्लासेज ऑनलाइन ही होती रहेंगी।

​केंद्र सरकार की राज्य सरकारों से चर्चा -

केंद्र सरकार ने सभी राज्यों के शिक्षा सचिवों को एक लेटर लिखा जिससे राज्य सरकार स्कूल कॉलेज खोलने के विचार से पहले सभी राज्यों में सर्वे कराया जाए जिससे पता चले की पैरेंट्स स्कूल खोले जाने पर वो अपने बच्चों को स्कूल भेजेंगे की नहीं। सर्वे से पता चला की कई राज्यों के पैरेंट्स स्कूल खोने जाने के विचार पर अपनी सहमती जाहिर की है जिसके चलते सरकार को स्कूल खोलने के निर्णय लेने में और आसानी हुई है। कुछ राज्य ने जैसे - हरियाणा, केरल, बिहार, असम और लद्दाख अगस्त में ही स्कूल खोले जाने पर अपनी सहमती दी है वही पे कुछ राज्यों ने जैसे राजस्थान, कर्नाटक और आंध्रप्रदेश ने सितम्बर में खोले जाने पर अपनी सहमती दी है।

​अभिवावको पर निर्भर होगा स्कूलों का खुलना -

कई पैरेंट्स तो स्कूल भेजना ही नहीं चाहते है। कोरोना के वजह से सभी पैरेंट्स डरे हुए है और कोई भी अपने बच्चो को इस महामारी चलते स्कूल नहीं भेजना चाहते है। इसके साथ ही स्कूल स्कूल कॉलेज खोलने​ पर पैरेंट्स अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके है और अभी भी कर रहे है। वो अपने बच्चे के स्वास्थ के साथ कोई खिलवाड़ नहीं करना चाहते है जिससे उनके बच्चे बीमार पड़े।

इसके साथ ही कई देशो ने तो स्कूल खोले लेकिन कोरोना के बढ़ते मरीजों को देख, सरकार को स्कूल बंद करने पड़े जहा पर स्विट्जरलैंड देश ने इस कोरोना महामारी काल में भी स्कूल खोल दिए है। इन सभी को देखते हुए भारत सरकार भी स्कूल खोलने पर विचार कर रही है।          

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