Which Corona Vaccine is better Covishield, Covaxin, Sputnik V Vs Phizer; कौन-सी वैक्सीन अच्छी हैं

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Which Corona Vaccine is better
Credit JagRuk Hindustan

Which Corona Vaccine is better Covishield, Sputnik V, Covaxin and Pfizer; कोरोना जिस तरह से अपना पैर पसार रहा हैं और देश में मरीजो की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं। कोरोना को रोकना का केवल एक  ही इलाज हैं वो हैं Vaccination जितनी जल्दी हो सके उतनी जल्दी सभी का वैक्सीनेसन कराया जाये। इसके बीच सभी के मन में अभी भी ये सवाल बना हुआ हैं कि कौन-सी Corona Vaccine is better हैं। 

Which Corona Vaccine is better-

Covishield- 80%

Covaxin- 80-82%

Sputnik V-92%

Phizer- 95%

Covishield-

Covishield भारत के सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा बनायी गयी हैं।लेकिन कोविशील्ड को ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका द्वारा तैयार किया गया हैं। इसका प्रयोग अभीतक ज्यादा लोगो पर किया गया हैं। और कोविशील्ड म्यूटेंट स्ट्रेन्स के खिलाफ काफी असरदार हैं।कोविशील्ड एक वायरल वेक्टर जैसी वैक्सीन हैं।कोविशील्ड को सिंगल वायरस का इस्तेमाल करके बनाया गया हैं। ये चिम्पैंजी में पाये जाने वाले एडेनोवायरस मौजूद  हैं। 

इस वैक्सीन की पहली डोज लेने के बाद 42-56 दिन बाद दूसरी डोज लेने पर ये वैक्सीन ज्यादा कार्यगर होगी। यह वैक्सीन गंभीर लक्षणो से बचाता हैं। और काफी कार्यगर हैंं ये वैक्सीन 80 फीसदी इसकी इफेक्टिवनेस हैं। 

Covaxin-

Covaxin को भारत में बनाया गया हैं, इसको ICMR और भारत बायोटेक द्वारा तैयार किया गया हैं। इसे इनएक्टिवेटेड प्लेटफार्म पर बनाया गया हैं मतलब इसमें डेड वायरस को शरीर में डाला जाता हैं। जिससे हमारे शरीर में एंटीबॉडी तैयार होती हैं। इस वैक्सीन का काम हैंं। प्रतिरक्षा तंत्र को असली वायरस की पहचान कराना। 

यह वैक्सीन संक्रमण के खतरे को 100 फीसदी तक कम करती हैं। तथा ये अभी तक 80-82 प्रतिशत कार्यगर हैं। इसका पहला डोज लेने के बाद 28-30 दिन के बाद दूसरी डोज ली जा सकती हैं। और विशेषज्ञो का मानना हैं कि ये सभी वैरिएंट्स के खिलाफ काम करती हैं।Which Corona Vaccine is better

Pfizer-

Pfizer vaccine B 1.1.7 स्ट्रेन के खिलाफ भी कार्य करता हैं। इसकी एक डोज से 58 प्रतिशत संक्रमण को रोकता हैं तथा दूसरा डोज 76 प्रतिशत कार्यगर  हैं। इस वैक्सीन को लगाने के बाद इजराइल की रिपोर्ट की माने तो अस्पताल जाने की जरूरत नहीं पड़ती हैं तथा ये मरीजो की मौत को 77 प्रतिशत रोकता हैं।  और ये 95 प्रतिशत सुरक्षा प्रदान करता हैं।

लेकिन रिपोर्ट की माने तो भविष्य में ये कोरोना के नये वेरियेंट्स इस वैक्सीन को नाकार सकता हैं पर अभी दुनिया भर हर्ड इम्यूनिटी का टार्गेट पूरा करने के लिए इस वैक्सीन का इस्तेमाल किया जा रहा हैं। 

Sputnik V-

Sputnik V एक वायरल वैक्टर हैं। ये सबसे जल्दी बनायी जाने वाली वैक्सीन हैं और ये रूस द्वारा बनायी गयी थी। कोविशील्ड और ये दोनो भले ही वायरल वैक्टर हो लेकिन दोनो में ये अंतर हैं स्पुतनिक V में दो वायरस हैं। और इसके दोनो डोज अलग-अलग  होते हैं। यह कोरोना वायरस में मिलने वाले कटिदार प्रोटीन की नकल हैं। जो शरीर पर सबसे पहले कार्य करता हैं। ये शरीर में एटीबॉटी पहुचते ही तैयार करता हैं।

यह वैक्सीन सर्दी,जुकाम और साँस वाले रोग पैदा करने वाले एडेनोवायरस 26(Ad26)और एडेनोवायरस 5(Ad5) पर आधारित हैं। और ये 91 प्रतिशत कार्यगर हैं और इसका एक डोज लगने के 21 दिन बाद दूसरा डोज लिया जा सकता हैं।Which Corona Vaccine is better

आप कोई भी वैक्सीन लगवाये सभी कार्यगर हैं। अफवाहो पर ध्यान मत दे और वैक्सीन लगवाये कोरोना  को हराने के लिए वैक्सीन लगवाना जरूरी हैं। अगर आपको वैक्सीन लगवाने के बाद कोई SideEffects दिखे आप डाक्टर से सम्पर्क करे। लेकिन सारी वैक्सीन लगवाने के बाद सर्दी,जुकाम, शरीर दर्द और हल्का बुखार आना आम बात हैं। 

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